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تناول [[القرآن الكريم]] موضوع [[التوحيد]] من جهة [[وحدانية الله]] وألوهيته وربوبيته وغيرها من مراتب التوحيد. | تناول [[القرآن الكريم]] موضوع [[التوحيد]] من جهة [[وحدانية الله]] وألوهيته وربوبيته وغيرها من مراتب التوحيد. | ||
ولم يرد في [[القرآن]] [[دليل]] صريح على [[إثبات | ولم يرد في [[القرآن]] [[دليل]] صريح على [[إثبات أصل وجود الله]]؛ لأنّ القرآن تعامل مع مسألة وجود الله كمسألة ثابتة ومفروغ عنها، وكأنّها مسألة بديهية لا يحتاج إثباتها إلى دليل أو [[برهان]]. | ||
ولهذا قال تعالى: {{نص قرآني|أَفِي اللَّهِ شَكٌّ فَاطِرِ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ}}<ref>سورة إبراهيم، الآية 10.</ref> | ولهذا قال تعالى: {{نص قرآني|أَفِي اللَّهِ شَكٌّ فَاطِرِ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ}}<ref>سورة إبراهيم، الآية 10.</ref> | ||